Computer kya hai

Computer क्या है ? Computer का इतिहास, उपयोग तथा कैसे काम करता है ?

Computer क्या है ?

Computer क्या है ? कंप्यूटर आज किसी के लिए अनजाना नहीं है. Computer हम सबकी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चूका है. घर से लेकर ऑफिस और स्कूल से लेकर हॉस्पिटल आप जहाँ भी जायेंगे, देखेंगे कि कंप्यूटर के बिना शायद कोई भी काम नहीं हो रहा है. रोज़मर्रा का काम जैसे स्कूल में, ऑफिस में, हॉस्पिटल में, बैंको में, यहाँ तक कि घर में भी Computer का इस्तेमाल बहुत बड़े पैमाने पर होने लगा है. ऐसे में आप जिस कंप्यूटर का इस्तेमाल इतने बेफिक्र होकर करते है, उसके बारे में हम सब कितना जानते है. अगर आप भी ऐसा ही जानकारी की तलाश में है तो शायद मैं आपकी कुछ मदद कर सकता हूँ.

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तो चलिए आज मैं आपको Computer  के बाए में संक्षेप में कुछ जानकारी देने की कोशिश करता हूँ. इसे हम ऐसे समझ सकते है कि कंप्यूटर  एक मशीन है जिसे Computer  प्रोग्रामिंग के माध्यम से स्वचालित रूप से अंकगणित या लॉजिकल कैलकुलेशन के क्रम को पूरा करने के लिए निर्देश दिया जाता है.

कंप्यूटर एक प्रोग्राम किया हुआ डिवाइस है जो डाटा को process, store तथा display करता है. कंप्यूटर शब्द शुरुआत में मानव कंप्यूटर की दिया गया था जो मैकेनिकल कैलकुलेटर का उपयोग करते हुए numerical calculation करता था. इसका उदहारण Abacus तथा Slide rule है. धीरे-धीरे कंप्यूटर पूरी दुनियां में बड़े पैमाने पर उपयोग होने लगा जो  Automated Electronic Machinery पर कार्य करता था.

आइये अब कंप्यूटर की उत्पत्ति तथा इसके इतिहास के बारे में जानते है.

इतिहास :-

Computer का पहली बार प्रयोग 1613 ई० में अंग्रेज लेखक Richard Braithwait ने अपनी पुस्तक “The Yong Mans Gleanings” में किया था. शुरुआत में कैलकुलेशन के लिए finger का इस्तेमाल किया जाता था. इसके हिसाब से शायद पहला Counting device tally stick था.

Airthmatic task के लिए Abacus का पहली बार इस्तेमाल 2400 BC में किया गया था. इसका इस्तेमाल प्राचीन काल में पूर्व यूरोप, चीन तथा रूस में Hindu-Arabic numerical system के आने से पहले होता रहा था. Abacus की वास्तविक उत्पत्ति अभी तक ज्ञात नहीं है.

 First Computing Device :-

First Computing Device का आविष्कार एक अंग्रेज Machanical Engineer “Charles Babbage” के द्वारा किया गया था. यह एक प्रकार का programmable कंप्यूटर के concept पर आधारित था. Charles Babbage को ही “Father of the Computer ” कहा जाता है.

19th Century में Charles Babbage ने सबसे पहले “Difference Engine” पर काम शुरू किया। यह एक Automatic Machanical Calculator था जो एक Machanical Computer था. इसी पर काम करते-करते 1933 ई० में उन्होंने महसूस किया कि general डिज़ाइन के लिए एक Analytical Engine तैयार किया जा सकता है, और इन्होने इसी प्रोजेक्ट पर कार्य करना शुरू कर दिया। Charles Babbage के दूरगामी सोच की वजह से वे General Purpose Computer तैयार हो गया.

इस कंप्यूटर डिवाइस के सारे पार्ट्स हाथ से ही बनाये गए थे जो उस समय के सोच से सैकड़ो साल था. आगे चलकर British Government ने इस प्रोजेक्ट का फण्ड cease कर दिया।  जिसके वजह से यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया। बाद में Charles Babbage के पुत्र Henery Babbage में इस प्रोजेक्ट को पूरा किया और इसका सफल demonstration 1906 ई० में किया।

Development of Computer :-

1938 ई० तक US Navy ने electromachanical analog computer develop कर किया था जिसे submarine के कार्य में मदद हेतु तैयार किया गया था. 2nd world war के दौरान अनेक देशों ने ऐसे छोटे-छोटे डिवाइस तैयार  करने लगे थे. लेकिन इन डिवाइस में ऑपरेटिंग स्पीड बहुत कम था. इसे दूर करने के लिए Vaccum tubes तैयार किया गया।  और इसके इस्तेमाल से इस डिवाइस के ऑपरेटिंग स्पीड को फ़ास्ट किया गया.

इसी सीरीज में Colossus उस समय का प्रथम electronic digital programmable computer था जिसमें बहुत अधिक संख्या में Vaccum tubes का प्रयोग किया गया था. उदहारण के रूप में, ENIAC (Electronic numerical integrator and computer) first electronic programmable computer था जो U.S  में बनाया गया।

फिर धीरे-धीरे कंप्यूटर और इसके component को develop किया गया और कंप्यूटर का डेवलपमेंट होता रहा. इसे आप Generation में devide कर सकते है जिसे हम Generation of Computer कहते है. इसे  इस तरह लसे बाँट सकते है:-

01. First Generation (1940-1956)
02. Second Generation (1956-1963)
03. Third Generation (1964-1971)
04. Fourth Generation (1972-2010)
05. Fifth Generation (2010- present)

Computer Generation का मतलब यह है कि कंप्यूटर के अंदर टेक्नोलॉजी के हिसाब से major changes कब-कब हुए है. जिसे हम जनरेशन में बांटते है.

Computer कैसे काम करता है (How does computer works):-

कंप्यूटर एक advanced electronic device है जो यूजर से इनपुट लेकर set of instructions (जिसे हम प्रोग्राम कहते है ) के द्वारा  process करता है और output देता है. प्रोसेस के बाद डाटा को future के लिए मेमोरी में सुरक्षित भी करता है. यह numerical और non-numerical (arithmetic और logical) कैलकुलेशन को प्रोसेस कर सकता है.

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Modern digital computer के basic component इस प्रकार है:-

01. Input device

02. Output device

03. Central Processor Unit(CPU)

04. Mass Storage device and memory etc.

01. Input (Data) :-

Inpur एक information है जो यूजर के द्वारा Input device के जरिये कंप्यूटर को निर्देशित किया जाता है. यह letters, numbers, या images के फॉर्मेट में हो सकता है.

Input devices इस प्रकार से है :-

  • Computer Keyboard
  • Digital Camera
  • Digital video camera
  • Graphics tablet
  • Image scanner
  • Joystick
  • Microphone
  • Mouse
  • Touchscreen etc.
02. Process :-

इसके अंतर्गत इनपुट डिवाइस के द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रोसेस होता है. यह पूरी तरह से कंप्यूटर के इंटरनल मेमोरी में होता है.

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03. Output:-

Output वह डाटा है जो प्रोसेस होने के बाद कंप्यूटर के द्वारा दिया जाता है. इसे आप आउटपुट डिवाइस निकल या देख सकते है. इसे आप future के लिए सेव भी कर सकते है.

Output devices  इस प्रकार से है :-

  • Computer Monitor
  • Printer
  • PC Speaker
  • Projector
  • Sound Card
  • Video Card etc.

Computer के प्रकार (Types of Computer) :-

कंप्यूटर को दो भागों में विभाजित कर सकते है :-

01. By Architecture

02. By Size and form factor

01. By Architecture :-
  • Analog Computer
  • Digital Computer
  • Hybrid Computer
  • Non-neumann Architecture
  • Reduced instruction set computer etc.
02. By Size :-
  • Mainframe Computer
  • Super Computer
  • Mini Computer
  • Micro Computer
  • Workstation
  • Personal Computer
  • Laptop
  • Tablet Computer
  • Smartphone
  • Single Board Computer etc.

Computer का उपयोग (Uses of Computer) :-

सही सूचना का प्राप्त करना या ढूँढना एक बहुत ही बड़ा चैलेंज है. आजकल हर जगह कंप्यूटर इस्तेमाल हो रहा है जैसे Education के क्षेत्र में, Health के क्षेत्र में, Science में, Bussiness में, Entertainment, Govt.  offices, etc. आजकल कंप्यूटर के बिना बड़े mass में डाटा का सुरक्षित रखना शायद मुश्किल काम है. चाहे कोई छोटा प्रोजेक्ट हो या बड़ा, कंप्यूटर का इस्तेमाल हर क्षेत्र की जरुरत बन चुकी है. School के result sheet से लेकर हॉस्पिटल के reports तक सब कंप्यूटर के द्वारा ही पूर्ण किये जाते है.

जैसे हर सिक्के के दो पहलू होते है ठीक वैसे ही कंप्यूटर के भी दो पहलू है. जिस तरह science एक वरदान के साथ-साथ अभिशाप भी है ठीक वैसे ही कंप्यूटर के भी फायदे तथा नुकसान (Advantages and disadvantages) होते है जो इस प्रकार से है :-

फायदे (Advantages) :-
  • आपके कार्य करने की क्षमता को बढ़ाता है. 
  • कार्य करने को स्पीड तेज करता है. 
  • बहुत अधिक मात्रा में डाटा को store करता है. 
  • सटीक calculation करता है. 
  • कुछ भी सिखने में सहायक है. 
  • समय की वचत करता है. 
  • मनोरंजन में भी सहायक है. 
  • पैसे की भी वचत करता है.
  • इंटरनेट के द्वारा पुरे दुनियां से आपलो जोड़ता है.
नुकसान (Disadvantages) :-
  • अधिक देर तक बैठकर काम करना पड़ता है. 
  • ध्यान देकर काम करना पड़ता है. 
  • आजकल कंप्यूटर के ऊपर निर्भरता बढ़ गई है. 
  • Privacy को खतरा रहता है. 
  • Distraction बढ़ जाता है. 
  • आज कंप्यूटर के वजह से नौकरी की कमी होती जा रही है. 
  • साइबर क्राइम का खतरा बढ़ गया है. 
  • कंप्यूटर पर अधिक देर तक काम करने से हेल्थ की समस्या बढ़ गई है. 
  • आजकल हम अपना अधिकतर डाटा कंप्यूटर में ही सेव करके रखते है, जिससे हैकर्स वायरस की मदद से उसे चुराने की कोशिस करते है. जिससे बचने के लिए हमें अपने कंप्यूटर में anti-virus का इस्तेमाल अवश्य ही करना चाहिए। 

आज के article में कंप्यूटर के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया हूँ. इसके detailed generations, types,Hardware and software और parts of computer के बारे में अगले आर्टिकल में बारी-बारी से बताने का प्रयास करूँगा।  यह article कैसे लगा, comment करके जरूर बताएं। आपका कमेंट हमारे लिए बहुत जरुरी है जो ऊर्जा का कार्य करता है।  mydigitalbuzz.in पर आने के लिए धन्यवाद।

 

 

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