internet kaise kaam karta hai ? How does internet works ?

इंटरनेट कैसे काम करता है ? (How does Internet works) ?

इंटरनेट कैसे काम करता है ? (How does Internet works) ?

इंटरनेट कैसे काम करता है? How does Internet works ? इंटरनेट का संसार बहुत ही मायावी संसार है।  यहाँ आने के बाद जाने का तो मन ही नहीं करता है।  एक पेज खोलकर पढ़ो, वो पूरा भी नहीं होता है, और दूसरा लिंक खोलने का मन करने लगता है।  क्या आपके साथ भी ऐसा ही होता है ? हाँ बिल्कुल होता होगा।  इंटरनेट का संसार कुछ ऐसा ही है। इंटरनेट कैसे काम करता है? How does Internet works ?

आज आप Facebook, Twitter, Instagram, Whatsapp पर अपना ढेरों समय व्यतीत करते है।  चाहे वो जानकारी लेनी हो या मनोरंजन करना हो या दोस्तों से चैट करना हो, इंटरनेट है तो सबकुछ मुमकिन है।

लेकिन क्या आपको मालूम है की इंटरनेट कैसे काम करता है? How does Internet works ? इस इंटरनेट के पीछे का क्या फॉर्मूला है ? आप एक फाइल भारत में अपलोड करते है और उसे तुरंत ही जापान में डाउनलोड कर लिया जाता है।  अगर नहीं जानते है तो कोई बात नहीं आज मैं आपको इसी के बारे में बताऊँगा।  इंटरनेट कैसे काम करता है? How does Internet works ?

दोस्तों वैसे तो इंटरनेट फ्री होता है। अब आप पूछेंगे कि कैसे ? मैं तो डाटा के लिए पैसे देकर डाटा खरीदता हु।  इसका सीधा सा जबाब है कि आप दो कंप्यूटर को आपस में एक इंटरनेट  केबल से जोड़ दीजिये। और इसे आप अब इंटरनेट कह सकते है।  चुकी यहाँ केबल भी छोटा है और कंप्यूटर भी दो ही है।  तो इसे जोड़ने के लिए हमें केबल खरीदना पड़ेगा।  उसका मेंटेनन्स भी करना होगा।  इन सभी कामों में हमें पैसे खर्च करने पड़ेंगे। लेकिन जब करोड़ो कंप्यूटर को जोड़ा जायेगा तो अनुमान लगाइये की इसको जोड़ने के लिए कितनी लम्बी केबल की जरुरत पड़ेगी और कितना खर्च आएगा।  चलिए इसे विस्तार से समझते है।

फाइबर ऑप्टिक्स केबल्स  क्या होता है ? (Fiber Optics Cables ?) :-

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दोस्तों 99 %  इंटरनेट फाइबर ऑप्टिक्स केबल्स ( Fiber Optical Cables ) के जरिये ही संचालित होती है।  इसी केबल्स के जरिये सारी की सारी डाटा आती और जाती है।  केवल 1 % डाटा ही satellite के जरिये आती या जाती है।  फाइबर ऑप्टिक्स केबल पूरी दुनियां में जल या थल सभी जगह बिछी हुई है। ये समुन्द्र के नीचे भी बिछी हुई है।  इसे Submarine Cable कहते है।

यह केबल (Cable ) मानव शरीर के बाल से भी पतली होती है।  जो पारदर्शी तथा मुलायम सिलिका की बनी होती है।  हमारी सारी सूचनाएं इन्ही केबल्स के जरिये travel करती  है।  इसका आशय यह कि अभी इस वेबसाइट पर जो भी पढ़ रहे है वो इन्ही केबल्स के जरिये आप तक पहुंच रही है।  अब एक सवाल आपके दिमाग में आ रहा होगा की इस केबल को बिछाया किसने है।

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कनेक्टिविटी (Connectivity ):-

internet kaise kaam karta haiजब हज़ारो लाखों नहीं बल्कि  करोड़ों कंप्यूटर को आपस में जोड़ा जाता है। तो उसे भी एक दूसरे से जोड़ने के लिए फाइबर ऑप्टिक्स केबल की जरुरत पड़ती है।  इसे बिछाने  के लिए पुरे विश्व में विभिन्न स्तर पर बहुत सारी कंपनी कार्य कर रही है।  जिसे हम तीन केटेगरी में विभाजित करते है।

01. Tier-I

02. Tier-II

03. Tier-III

01. Tier-I :-

इसमें हम उन कंपनी को शामिल करते है जिनका ग्लोबल नेटवर्क है।  जो एक देश जो दूसरे देश के साथ जोड़ती है।  ये कंपनी समुन्द्र के नीचे से केबल बिछा के ले जाती है।  इन कंपनी को सालों  भर इन केबल्स का मेंटेनेंस करना पड़ता है।  इन कंपनी को इंटरनेट  उपयोग करने के लिए किसी को पैसे नहीं देने पड़ते है।  इन कम्पनियों को इंटरनेट का रीढ़ कहा जाता है।

भारत में केवल टाटा कम्युनिकेशन ही एक मात्रा Tier -I कंपनी है।  जिसका लैंडिंग स्टेशन मुंबई, चेन्नई, कोचीन में है।  रिलायंस ग्लोबलकॉम का भी एक लैंडिंग सस्टेशन है जो मुंबई में है।

02. Tier-II :-

Tier-II कम्पनियाँ regional लेवल पर कार्य करती है।  ये कम्पनियाँ टियर-I से कनेक्ट होती है।  और टियर -I का इंटरनेट इस्तेमाल करती है।  इसके लिए टियर-II कम्पनियों को टियर-I कम्पनियों को पैसे देने पड़ते है।

02. Tier -III:-

इसकी श्रेणी  में Internet Service Provider (ISP) आते है।  जिससे आप इंटरनेट का कनेक्शन लेते है।  ये कंपनी ही उपयोगकर्ता को इंटरनेट प्रदान करती है। इन कम्पनियों का फाइबर ऑप्टिक्स केबल उनके टावर तक आता है।

अब आप सोच रहे होंगे की आपने मोबाइल में तो कोई केबल नहीं लगा है तो फिर इंटरनेट कैसे चलता है।  वो ऐसे कि ये मोबाइल उपयोगकर्ता को अपने टावर के द्वारा वायरलेस connectivity प्रदान करते है। तथा ब्रॉडबैंड उपयोगकर्ता को केबल के द्वारा इंटरनेट उनके कंप्यूटर तक पहुंचे जाती है।

भारत से सबसे अधिक ट्रैफिक मुंबई लैंडिंग पॉइंट से आती व जाती है। इस प्रकार इंटरनेट Last user तक पहुँचता है।  और हम आसानी से इसका उपयोग कर पाते है।

इस Article से आप इंटरनेट कैसे कार्य करता है ?( How does Internet Works ?) के बारे थोड़ा बहोत तो समझ ही गए होंगे।  ये ब्लॉग कैसे लगा, कमेंट करके जरूर बताइयेगा।

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